Bihar Board Class 10th Social Science Viral Question
यदि आप बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और इस बार फाइनल बोर्ड परीक्षा में आप शामिल होने वाले हैं तो यह पोस्ट आपके लिए ही है इस पोस्ट में हम आपको सामाजिक विज्ञान का लघु उत्तरीय प्रश्न और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न का आसान भाषा में प्रश्न और उत्तर करने वाले हैं। यदि आप फाइनल बोर्ड परीक्षा में सामाजिक विज्ञान में अच्छा स्कोर करना चाहते हैं तो इस पोस्ट में जितने भी लघु उत्तरी और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न का डिस्कशन किया जा रहा है। सभी प्रश्न को अच्छे से कमांड कर लीजिए । 100% आपके फाइनल बोर्ड परीक्षा में सभी प्रश्न इसी मॉडल सेट से आने वाले हैं।
| Subject | Social Science |
|---|---|
| Class | 10th |
| Model Set | 1 |
| Session | 2025-26 |
| Subjective Question | All Most VVI Questions |
खण्ड-ब ( विषयनिष्ठ प्रश्न )
इतिहास / History
प्रश्न संख्या 1 से 06 तक लघु उत्तरीय प्रश्न है। इनमें से किन्ही 03 प्रश्नों का उत्तर दें। प्रत्येक के लिए दो अंक निर्धारित है।
1. गैरीबाल्डी के कार्यों का उल्लेख करें।
Ans – इटली के एकीकरण में उसने जिस महान त्याग, निःस्वार्थ भावना और अभूतपूर्व देशभक्ति का परिचय दिया। वह एक महान लड़ाकू था और तलवार के बल पर इटली का एकीकरण करना चाहता था। वह सशस्त्र क्रांति के द्वारा दक्षिणी इटली के रियासतों के एकीकरण तथा गणतंत्र की स्थापना करने का प्रयास कर रहा था। उसने अपने सैनिकों को लेकर इटली के प्रांत सिसली तथा नेपल्स पर आक्रमण किया। गैरीबाल्डी ने यहाँ जनता के समर्थन से गणतंत्र की स्थापना की और विक्टर एमैनुएल के प्रतिनिधि के रूप में वहाँ की सत्ता संभाली।
2. नई आर्थिक नीति के चार मुख्य विशेषताओं का उल्लेख करें।
Ans – नई आर्थिक नीति के चार मुख्य विशेषताएँ –
(i) किसानों को अनाज के बदले एक निश्चित राशि कर के रूप में देनी थी।
(ii) किसानों को जमीन का स्वामित्व दिया गया यद्यपि सैद्धांतिक रूप से राज्य का अधिकार जमीन पर बना रहा।
(iii) वैसे उद्योग जिनमें कामगारों की संख्या बीस से अधिक नहीं थी उन्हें व्यक्तिगत स्वामित्व में चलाने का अधिकार दिया गया।
(iv) उद्योगों का विकेंद्रीकरण किया गया, उन्हें कार्यान्वयन और निर्णय-संबंधी अधिकार दिए गए।
3. हिन्द चीन पर द्वितीय विश्वयुद्ध का क्या प्रभाव पड़ा ?
Ans – 1939 में द्वितीय विश्वयुद्ध प्रारंभ हुआ। जापानियों ने 1940 में तोंकिन पर अधिकार कर लिया और अगले वर्ष सारे हिन्द-चीन पर उसका कब्जा हो गया। इस समय हिन्द-चीन में फ्रांस का राजनीतिक प्रभुत्व विद्यमान था। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अनेक वर्षों तक जापानियों ने हिन्द-चीन में ऊपरी तौर पर फ्रांसीसी प्रशासन का दिखावा बनाए रखा, इसके फलस्वरूप, वियतनाम के राष्ट्रवाद को गुप्त क्रांतिकारी शक्ति के रूप में जापानी आक्रमणकारी और फ्रांसीसी प्रशासन दोनों के विरुद्ध कार्यवाही का अवसर मिल गया।
4. रॉलेट एक्ट से आप क्या समझते हैं ?
Ans – भारतीय क्रांतिकारियों की बढ़ती हुई क्रांतिकारी गतिविधियों से आशंकित होकर लॉर्ड चेम्सफोर्ड ने न्यायाधीश सरसिडनी रॉलेट की अध्यक्षता में एक समिति की नियुक्ति की। रॉलेट समिति की अनुशंसा पर 1919 में रॉलेट कानून बना। इस ऐक्ट के अनुसार सरकार किसी भी व्यक्ति को बिना अभियोग चलाए अनिश्चित समय के लिए बन्दी बना सकती थी। उसे अपील, दलील या वकील करने का कोई अधिकार नहीं था।
5. चंपारण सत्याग्रह का संक्षिप्त विवरण दें।
Ans – बिहार के चम्पारण जिले में निलहे साहब किसानों को “तीनकठिया” प्रणाली के अन्तर्गत नील की खेती के लिए बाध्य करते थे। निलहे किसानों का आर्थिक और शारीरिक शोषण भी करते थे। किसानों के उत्पीड़न का समाचार पाकर अपने अनेक सहयोगियों के साथ गाँधीजी 1917 में चंपारण गए। निलहों के शोषण और दमन के खिलाफ उन्होंने आंदोलन चलाया। 1918 में एक कानून “चम्पारण एग्रेरीयन कानून” पारित कर निलहों का अत्याचार दबा दिया गया और तीनकठिया प्रणाली समाप्त कर दिया गया। गाँधीजी ने चंपारण में सत्याग्रह का सफल प्रयोग किया। इसलिए इसे चम्पारण सत्याग्रह भी कहा जाता है।
6. मजदूरों ने अपना संगठन क्यों बनाया ?
Ans – 19वीं शताब्दी के उतरार्द्ध में भारत में उद्योगों (कल-कारखानों) की स्थापना के साथ ही श्रमिक वर्ग का उदय हुआ। इन औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों का कई तरह से शोषण किया जाता था। धीरे धीरे श्रमिक वर्ग अपने अधिकारों के प्रति सजग हुआ। अपनी माँगों के लिए हड़ताल का सहारा लेने के अतिरिक्त मजदूर संगठित होकर अपना संगठन बनाने का भी प्रयास करने लगे। इसी क्रम में 1920 ई० को लाला लाजपत राय की अध्यक्षता में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की स्थापना हुई।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
निर्देश – प्रश्न संख्या 7 और 8 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्ही एक का उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न के लिए चार अंक निर्धारित है ।
7. मुद्रण क्रांति ने आधुनिक विश्व को किस प्रकार प्रभावित किया ?
Ans – मुद्रण क्रांति का विश्व पर व्यापक प्रभाव पड़ा। इसने समाज, धर्म एवं राजनीति को गहरे रूप से प्रभावित किया। इससे लोगों में जिज्ञासु प्रवृत्ति जगी तथा लोकचेतना की भावना का विकास हुआ। तर्कवाद और मानवतावाद के विचारों का व्यापक प्रसार हुआ। एक नया पाठक वर्ग सामने आया। इससे मौखिक संस्कृति मुद्रित संस्कृति में परिवर्तित हो गई। यूरोप के धार्मिक जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा। मार्टिन लूथर ने वादविवाद की एक नई संस्कृति को जन्म दिया। उसके विचारों से रोमन कैथोलिक चर्च का विभाजन हो गया तथा प्रोटेस्टेंट ईसाई धर्म का उदय हुआ। मुद्रण क्रांति ने फ्रांस की 1789 की महान क्रांति को भी गहरे रूप से प्रभावित किया। इसने ज्ञानोदय के दार्शनिकों के विचारों का प्रसार कर निरंकुशवाद के विरुद्ध क्रांति अवश्यंभावी बना दी। विश्व में लोकतांत्रिक विचारों के प्रसार में मुद्रित सामग्री की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है।
8. 1950 के दशक के बाद व्यापार और अर्थव्यवस्था में हुए परिवर्तनों का वर्णन करें।
Ans – 1950 के दशक के बाद व्यापार और अर्थव्यवस्था में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं, जो वैश्विक और स्थानीय दोनों स्तरों पर प्रभाव डालते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख परिवर्तनों का वर्णन किया गया है-
(1) आर्थिक नीतियों में बदलाव 1991 में भारत ने आर्थिक उदारीकरण की दिशा में कदम बढ़ाया, जिससे विदेशी निवेश को बढ़ावा मिला और व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी। (2) वैश्वीकरण: 1950 के दशक के बाद से वैश्वीकरण ने व्यापार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दिया। देशों के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत हुए, जिससे वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान बढ़ा।
(3) उद्योगों का विकास: 1990 के दशक के बाद, सेवा क्षेत्र, विशेषकर सूचना प्रौद्योगिकी और वित्तीय सेवाओं में, तेजी से वृद्धि हुई। यह भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।
(4) आर्थिक असमानता हालांकि आर्थिक विकास हुआ, लेकिन यह असमानता के साथ आया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच, और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच आर्थिक अंतर बढ़ा।
(5) सरकारी नीतियाँ: सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित किया, जैसे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’, जिससे नए व्यवसायों को बढ़ावा मिला।
राजनीति विज्ञान / Political Science
प्रश्न संख्या 9 से 12 तक लघु उत्तरीय प्रश्न है। इनमें से किन्ही 2 प्रश्नों का उत्तर दें। प्रत्येक के लिए दो अंक निर्धारित है।
9. जातिगत असमनताओं का वर्णन करें।
Ans – भारतीय संविधान लिंग, जन्मस्थान, जाति, धर्म आदि के आधार पर किसी प्रकार के भेदभाव को प्रतिबंधित करता है। इसी उद्देश्य से अस्पृश्यता का अंत कर दिया गया। परंतु, आज भी कई जातिगत असमानताएँ विद्यमान है। जैसे- (i) अस्पृश्यता का पूरी तरह अंत नहीं हुआ है। (ii) जाति का आधार जन्म हो गया (iii) ऊँच-नीच का भेद बना हुआ है। (iv) जाति को राजनीतिक रूप दे दिया गया। (v) टिकट बँटवारा, मंत्रिमंडल का गठन आज भी जाति के आधार पर हो रहा है।
10. समवर्ती सूची में वर्णित किन्हीं चार विषयों को लिखें।
Ans – समवर्ती सूची में शामिल चार प्रमुख विषय इस प्रकार हैं-
(1) शिक्षा : स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, विश्वविद्यालय शिक्षा आदि सभी समवर्ती सूची के अंतर्गत आते हैं। इसीलिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारें शिक्षा के क्षेत्र में नीतियाँ बना सकती हैं और कानून बना सकती हैं।
(2 ) कृषि : कृषि, पशुपालन, सिचाई, कृषि उत्पादों का विपणन आदि सभी समवर्ती सूची के अंतर्गत आते हैं।
(3 ) वन : वन, वन्य जीवन, पर्यावरण संरक्षण आदि विषय भी समवर्ती सूची में शामिल हैं।
( 4) स्वास्थ्य : सार्वजनिक स्वास्थ्य, महामारी, चिकित्सा शिक्षा आदि विषय भी समवर्ती सूची मंत शामिल हैं।
11. आप राजनीतिक दल की खामियों को कैसे सुधारेंगे ?
Ans – राजनीतिक दल की खामियों को सुधारने के लिए कई कदम उठाने होंगे। सबसे पहले, राजनीतिक दलों के लिए धन जुटाने के तरीके बदलने होंगे। चंदे के बहाने अवैध पैसों को रोकना होगा। राजनीतिक दलों के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी वित्तीय प्रणाली स्थापित करनी होगी। राजनीतिक दलों के लिए एक सख्त नियमन प्रणाली स्थापित करनी होगी। राजनीतिक दलों के लिए एक स्पष्ट और सख्त आचार संहिता स्थापित करनी होगी। इसके अलावा, राजनीतिक दलों के लिए एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव आयोग स्थापित करना होगा।
12.12. लोकतंत्र के लिए चुनाव क्यों आवश्यक है ?
Ans – लोकतंत्र की आधारशिला चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वायदे करते हैं। चुनावी प्रक्रिया में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करती है कि लोकतंत्र जनता का, जनता के लिए तथा जनता द्वारा है। चुनाव के माध्यम से जनता अपने प्रतिनिधि चुनती है जो उनके हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा, चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही की तलाश होती है। चुनाव के माध्यम से जनता अपने प्रतिनिधियों के कार्यों का मूल्यांकन करती है और उन्हें जवाबदेह ठहराती है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
निर्देश – प्रश्न संख्या 13और 14 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्ही एक प्रश्न का उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न के लिए चार अंक निर्धारित है ।
13. महिला सशक्तिकरण से आप क्या समझते हैं ? विस्तृत विवरण दें।
Ans – विश्व के अधिकांश देशों में महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है। बहुत सारे देशों में तो महिलाओं को वोट देने का अधिकार प्राप्त नहीं है। इसका परिणाम यह होता है कि आधी आबादी के बिना लोकतंत्र अधूरा ही रह जाता है। भारत में महिलाओं की दशा सुधारने के केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। फिर भी भारतीय संसद तथा राज्य विधानमण्डलों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बहुत कम है। भारत सरकार ने महिलाओं के आरक्षण के लिए (33%) विधेयक राज्यसभा में 2009 में लाया है। यह 108वाँ सांविधानिक संशोधन अधिनियम है जो 2010 मार्च को राज्यसभा ने 186 के बहुमत से पारित कर दिया है। केवल 1 सदस्य ने ही इसका विरोध किया।
14. धर्मनिरपेक्षता के लिए हमारे संविधान में क्या प्रावधान है ?
Ans – संविधान में धर्मनिरपेक्षता के प्रमुख प्रावधान निम्न हैं-
प्रस्तावना : भारतीय संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्ष शब्द को 42वें संशोधन (1976) के माध्यम से जोड़ा गया था। इससे स्पष्ट हो जाता है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है।
अनुच्छेद 14 : यह अनुच्छेद कानून के समक्ष समानता का अधिकार प्रदान करता है, जिसका अर्थ है कि सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समान अधिकार होंगे, चाहे वे किसी भी धर्म के हों।
अनुच्छेद 15: यह अनुच्छेद धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थान या मूल निवास के आधार पर भेदभाव पर प्रतिबंध लगाता है।
अनुच्छेद 16: यह अनुच्छेद सभी नागरिकों को राज्य के किसी भी पद पर नियुक्ति के लिए समान अवसर प्रदान करता है।
अनुच्छेद 25: यह अनुच्छेद धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है। इसमें धर्म का स्वतंत्रतापूर्वक आचरण करने, धार्मिक संस्थाओं को स्थापित करने और धार्मिक शिक्षा देने का अधिकार शामिल है।
अनुच्छेद 26 : यह अनुच्छेद धार्मिक संस्थाओं को अपने मामलों को प्रबंधित करने का अधिकार देता है।
अनुच्छेद 27 : यह अनुच्छेद किसी विशेष धर्म या धार्मिक संस्था के प्रचार या रखरखाव के लिए कर देने के लिए बाध्य नहीं करता है।
अनुच्छेद 28 : यह अनुच्छेद राज्य द्वारा संचालित या सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक शिक्षा देने पर प्रतिबंध लगाता है।
अर्थशास्त्र / Economics
प्रश्न संख्या 15 से 18 तक लघु उत्तरीय प्रश्न है। इनमें से किन्ही 2 प्रश्नों का उत्तर दें। प्रत्येक के लिए दो अंक निर्धारित है।
15. मिश्रित अर्थव्यवस्था के चार गुणों का वर्णन करें।
Ans – मिश्रित अर्थव्यवस्था में निम्नलिखित गुण पाये जाते हैं-
(i) आर्थिक एवं राजनीतिक स्वतंत्रता
(ii) निजी सम्पत्ति, निजी लाभ एवं मूल्य-यंत्र की उपस्थिति
(iii) आर्थिक नियोजन एवं आर्थिक स्थायित्व
(iv) निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र का सहअस्तित्व
(v) आर्थिक विषमता में कमी।
16. बिहार की आय के निम्न स्तर अथवा इसके पिछड़ेपन के कारणों को बताएँ।
Ans – बिहार की पिछड़ेपन के कारण निम्नलिखित हैं-
- तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या।
- कृषि प्रधान राज्य होने के कारण आर्थिक विकास में बाधा।
- विभाजन के बाद बिहार में औद्योगिक विकास की कमी।
- प्रशासनिक स्थिति में पारदर्शिता का अभाव और भ्रष्टाचार।
- नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्य रिपोर्ट 2020-21 के अनुसार बिहार देश में सबसे पिछड़ा राज्य है।
17. ATM क्या है ?
Ans – आधुनिक समय में नगरों में स्थित अधिकांश व्यावसायिक बैंक ए०टी०एम० (automated teller machine, ATM) की सुविधा प्रदान करने लगे हैं। ए०टी०एम० कार्ड से ग्राहक विशेष बैंकों द्वारा स्थापित स्वचालित मशीनों द्वारा किसी भी समय रुपया निकाल सकते हैं।
18. छुपी हुई बेरोजगारी क्या हैं ?
Ans – कृषि-क्षेत्र में श्रमिक अर्द्ध-बेरोजगार हैं। इस प्रकार की बेरोजगारी को छुपी हुई बेरोजगारी भी कहते हैं क्योंकि ऊपर से देखने में लगता है कि लोगों को रोजगार मिला हुआ है लेकिन वास्तव में वे अर्द्ध-बेरोजगार होते हैं और उनकी बेरोजगारी छुपी हुई होती है। छुपी हुई बेरोजगारी की अवस्था में श्रमिक अपने काम पर तो लगे रहते हैं लेकिन उत्पादन में उनका योगदान अत्यल्प अथव शून्य के बराबर होता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
निर्देश – प्रश्न संख्या 19और 20 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्ही एक प्रश्न का उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न के लिए 4 अंक निर्धारित है ।
19. सेवा क्षेत्र से आप क्या समझते हैं ? बिहार की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की भूमिका की व्याख्या करें।
Ans – सेवा क्षेत्र या तृतीय क्षेत्र उन सभी गतिविधियों को संदर्भित करता है जो भौतिक वस्तुओं का उत्पादन नहीं करते हैं, बल्कि सेवाएँ प्रदान करते हैं। इसमें व्यापार, बैंकिंग, बीमा, परिवहन, संचार, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, मनोरंजन आदि शामिल हैं।
सेवा क्षेत्र की भूमिका निम्नलिखित है-
बिहार की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की भूमिका पिछले कुछ दशकों में काफी महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, राज्य की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित रही है, लेकिन सेवा क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हो रही है।
सेवा क्षेत्र के बढ़ते महत्व के कुछ प्रमुख कारण हैं-
औद्योगीकरण : बिहार में औद्योगीकरण के साथ-साथ सेवा क्षेत्र भी तेजी से विकसित हो रहा है। उद्योगों को चलाने के लिए कई प्रकार की सेवाओं की आवश्यकता होती है, जैसे कि बैंकिंग, बीमा, परिवहन आदि।
शहरीकरण : बिहार में शहरीकरण की दर बढ़ रही है, जिससे शहरी सेवाओं की माँग बढ़ रही है। 1.
सूचना प्रौद्योगिकी : सूचना प्रौद्योगिकी के विकास से बिहार में आईटी-सक्षम सेवाओं का विकास हुआ है।
सरकारी नीतियाँ : राज्य सरकार सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियाँ लागू कर रही है।
बिहार की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की भूमिका के कुछ महत्वपूर्ण पहलू इस प्रकार हैं-
रोजगार सृजन : सेवा क्षेत्र विहार में रोजगार का एक प्रमुख स्रोत बन गया है।
आर्थिक विकास : सेवा क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में वृद्धि करता है।
राजस्व सृजन : सेवा क्षेत्र सरकार के लिए राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
आधुनिकीकरण : सेवा क्षेत्र राज्य को आधुनिक बनाने में मदद करता है।
20. बचत क्या है ? आर्थिक विकास में बचत की भूमिका की व्याख्या करें।
Ans – बचत का अर्थ है किसी व्यक्ति या समूह द्वारा अपनी आय का एक हिस्सा खर्च करने के बजाय भविष्य के लिए रखना। यह वह राशि होती है जिसे हम खर्च करने के बजाय बैंक में जमा करते हैं, शेयरों में निवेश करते हैं, या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर रखते हैं।
बचत आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है। यह निम्नलिखित तरीकों से आर्थिक विकास में योगदान देती है-
निवेश को बढ़ावा देना : बचत को निवेश में परिवर्तित किया जा सकता है। जब लोग अपनी बचत को बैंकों या अन्य वित्तीय संस्थानों में जमा करते हैं, तो ये संस्थान इस धन का उपयोग उद्योगों और व्यवसायों को ऋण देने के लिए करते हैं। यह निवेश नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों के विस्तार में मदद करता है, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और आर्थिक विकास होता है।
पूँजी निर्माण: बचत से पूँजी निर्माण होता है। पूँजी का मतलब है उत्पादन के साधन, जैसे कि मशीनरी, उपकरण, इमारतें आदि। पूंजी निर्माण से उत्पादकता बढ़ती है और आर्थिक विकास होता है।
आर्थिक स्थिरता : बचत आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने में मदद करती है। जब लोगों के पास बचत होती है, तो वे आर्थिक संकट के समय अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए इनका उपयोग कर सकते हैं। इससे अर्थव्यवस्था में अस्थिरता कम होती है। इससे अर्थव्यवस्था में अस्थिरता कम होती है।
टेक्नोलॉजिकल विकास: बचत को अनुसंधान और विकास में निवेश किया जा सकता है, जिससे नई तकनीकों का विकास होता है और उत्पादकता बढ़ती है।
हैं।
महंगाई नियंत्रण : बचत से मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। जब लोग अपनी आय का एक हिस्सा खर्च नहीं करते हैं, तो माँग कम होती है और कीमतें बढ़ने की दर कम हो जाती है।
भूगोल / Geography
प्रश्न संख्या 21 से 26 तक लघु उत्तरीय प्रश्न है। इनमें से किन्ही 3 प्रश्नों का उत्तर दें। प्रत्येक के लिए 2 अंक निर्धारित है।
21. प्राकृतिक संपदा किसे कहते हैं ?
Ans – प्राकृतिक संपदा या प्राकृतिक संसाधन वे सभी चीजें हैं जो प्रकृति हमें मुफ्त में प्रदान करती है और जिन्हें हम अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयोग करते हैं। ये संसाधन पृथ्वी पर स्वाभाविक रूप से पाए जाते हैं और इन्हें मनुष्य द्वारा नहीं बनाया जाता है। उदाहरण के लिए जल, वायु, मिट्टी, खनिज, वन, पेट्रोलियम, सूर्य का प्रकाश।
22. खादर और बांगर मिट्टी में अंतर स्पष्ट करें।
Ans – नदियों के बाढ़ के मैदान की नयी सूक्ष्म कणों वाली काँप मिट्टी को खादर और नदियों द्वारा जमा की गई पुरानी कॉंप मिट्टी को बांगर मिट्टी कहते हैं।
23. बहु-उद्देशीय नदी घाटी परियोजना क्या हैं ?
Ans – नदियों पर बाँध बनाकर सिंचाई के साथ-साथ बिजली उत्पन्न करना, बाढ़ की रोकथाम करना, मिट्टी कटाव को रोकना, मछलीपालन, यातायात सुविधा बढ़ाना, मनोरंजन कार्य विकसित करना जैसे कई उद्देश्यों को लेकर विकसित की गई योजनाओं को बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ कहा जाता है, जैसे – भाखड़ा नांगल परियोजना, हीराकुंड परियोजना, गंडक परियोजना इत्यादि।
24. वन-संरक्षण के दो उपाय बताएँ।
Ans – वन-संरक्षण के दो उपाय –
(i) वृक्षारोपण –
- बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण : खाली पड़ी भूमि पर विभिन्न प्रकार के पेड़ लगाने चाहिए।
- स्थानीय प्रजातियों का रोपण: स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल पेड़ों को रोपना चाहिए।
- सामुदायिक वन: स्थानीय समुदायों को वन संरक्षण में शामिल करना चाहिए और उन्हें वन लगाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
(ii) वन की आग पर नियंत्रण –
- अग्निशमन दल : वन क्षेत्रों में आग बुझाने के लिए कुशल अग्निशमन दल का गठन करना।
- अग्नि रेखाएँ : वनों के आसपास अग्नि रेखाएँ बनाकर आग को फैलने से रोकना।
- जागरूकता अभियान लोगों को वन में आग लगाने के खतरे के बारे में जागरूक करना।
25. भारत में लौह अयस्क के वितरण का वर्णन करें।
Ans – भारत में लौह अयस्क का वितरण निम्नलिखित पेटियों में पाया जाता है-
(i) ओडिशा – झारखंड पेटी- इस पेटी के अंतर्गत झारखंड एवं ओडिशा राज्यों के क्षेत्र शामिल हैं, जहाँ नोआमुंडी, गुआ, जामदा, बगियाबुरू, मेघाहाता, गुरुमहिसानी एवं बादामपहाड़ इत्यादि मुख्य उत्पादक केंद्र हैं।
(ii) छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र पेटी- इन राज्यों के अंतर्गत ही डल्ली-राजहरा और बैलाडिला जैसे दो उत्पादक केंद्र स्थित हैं।
(iii) महाराष्ट्र– गोवा पेटी- इस पेटी के अंतर्गत संग्यूम, सतारी, पौंडा, वियोलिम, चंद्रपुर, रत्नागिरी जैसे उत्पादक केंद्र शामिल हैं।
(iv) दक्षिण भारतीय पेटी – कर्नाटक, आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु राज्यों के अंतर्गत फैली इस पेटी में कुद्रेमुख, बाबाबून पहाड़ी, सलेम, बेल्लारी, कर्नूल जैसे उत्पादक केंद्र आते हैं।
26. मोनाजाइट भारत में कहाँ-कहाँ उपलब्ध है ?
Ans – भारत में मोनाजाइट के प्रमुख स्रोत –
केरल तट: भारत में मोनाजाइट का सबसे बड़ा भंडार केरल तट पर पाया जाता है। यहां केरल के अलप्पुझा, कोल्लम और त्रिवेंद्रम जिलों के तटीय क्षेत्रों में मोनाजाइट की अत्यधिक मात्रा में उपलब्धता है।
तमिलनाडु तट : तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों, विशेषकर रामनाथपुरम और तिरुनेलवेली जिलों में भी मोनाजाइट पाया जाता है।
ओडिशा तट: ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भी मोनाजाइट के भंडार हैं।
आंध्र प्रदेश तट : आंध्र प्रदेश के कुछ तटीय क्षेत्रों में भी मोनाजाइट की उपस्थिति पाई गई है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
निर्देश – प्रश्न संख्या 27 और 28 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्ही एक प्रश्न का उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न के लिए 4 अंक निर्धारित है ।
27. बिहार में नगरों के विकास का वर्णन करें।
Ans – बिहार में नगरों के विकास का इतिहास काफी पुराना है। यहाँ राजधानी नगर, शैक्षिक नगर, धार्मिक नगर एवं व्यापारिक नगरों का विकास समय-समय पर होता रहा है। प्राचीनकाल में पाटलिपुत्र, नालंदा, राजगीर, गया, वैशाली, उदंतपुरी एवं सीतामढ़ी का विकास हुआ। मध्यकाल में प्रशासनिक कारणों से सासाराम, दरभंगा, पूर्णिया, छपरा एवं सीवान का विकास हुआ। ब्रिटिश काल यानी आधुनिक काल में शहरों के विकास के कई कारण रहे हैं। कुछ शहर सड़कों की सुविधा तथा कुछ रेल की सुविधा के कारण विकसित हुए। आजादी के बाद औद्योगिक विकास, शिक्षा एवं जीवन की अन्य सुविधाएँ विकसित होने के कारण कई शहर विकसित हुए हैं। इसके बावजूद बिहार सबसे कम नगरीकृत राज्यों में गिना जाता है। राज्य में एक भी नियोजित नगर नहीं है। पटना अर्द्ध-नियोजित नगर का उदाहरण है। बरौनी एवं वाल्मीकिनगर नियोजित क्षेत्र हैं।
28. भारत के अंतरर्राष्ट्रीय व्यापार का वर्णन करें।
Ans – भारत, विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक, सदैव से व्यापार का केंद्र रहा है। आज भी, भारत विश्व का एक प्रमुख व्यापारिक देश है। देश की विविधतापूर्ण अर्थव्यवस्था और विशाल जनसंख्या ने इसे वैश्विक बाजार में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना दिया है।
भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रमुख पहलू –
निर्यात : भारत मुख्य रूप से कृषि उत्पाद, कपड़ा, रत्न और आभूषण, पेट्रोलियम उत्पाद, दवाइयाँ, मशीनरी और परिवहन उपकरण का निर्यात करता है। भारत के प्रमुख निर्यात गंतव्य संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, संयुक्त अरब अमीरात और हॉन्ग काँग हैं।
आयात : भारत मुख्य रूप से कच्चा तेल, मशीनरी, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कृषि उत्पादों का आयात करता है। भारत के प्रमुख आयात स्रोत चीन, संयुक्त अरब अमीरात, संयुक्त राज्य अमेरिका और सऊदी अरब हैं।
व्यापार नीतियाँ : भारत सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियाँ लागू की हैं। इनमें से कुछ नीतियाँ हैं- (i) विदेशी व्यापार नीति (ii) विशेष आर्थिक क्षेत्र (iii) मुक्त व्यापार समझौते।
चुनौतियाँ : भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जैसे कि वैश्विक मंदी, संरक्षणवाद का बढ़ता प्रभाव और मुद्रा में उतार-चढ़ाव।
भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का महत्व –
आर्थिक विकास : अंतर्राष्ट्रीय व्यापार भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह रोजगार सृजन, विदेशी मुद्रा अर्जन और तकनीकी विकास में योगदान देता है।
गरीबी उन्मूलन: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार गरीबी को कम करने में मदद करता है। यह कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाता है और रोजगार के अवसर पैदा करता है।
तकनीकी विकास : अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के माध्यम से भारत नई तकनीकों का अधिग्रहण कर सकता है और अपनी उत्पादकता में सुधार कर सकता है।
आपदा प्रबंधन / Disaster Management
प्रश्न संख्या 29 से 32 तक लघु उत्तरीय प्रश्न है। इनमें से किन्ही 2 प्रश्नों का उत्तर दें। प्रत्येक के लिए 2 अंक निर्धारित है।
29. सुखाड़ के लिए जिम्मेवार कारकों का वर्णन करें।
Ans – सुखाड़ एक मौसमजनित प्राकृतिक आपदा है। इसके जिम्मेवार कारक निम्न हैं-
(i) अनियमित वर्षा
(ii) वर्षा जल का संग्रह नहीं किया जाना।
(iii) भूमंडलीय ताप में वृद्धि
(iv) वनस्पतियों की अंधाधुंध कटाई।
30. आग लगने की स्थिति में क्या प्रबंधन करना चाहिए ?
Ans – आग लगने की स्थिति में निम्न प्रबंधन करना चाहिए-
(i) आग में फँसे हुए लोगों को बाहर निकालना।
(ii) घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुँचाना।
(iii) अग्निशामक को बुलाना।
(iv) यदि आग का कारण विद्युत शार्ट सर्किट है, तो सबसे पहले बिजली लाइन को काटना।
31. भूकंपीय तरंगों से आप क्या समझते हैं ? प्रमुख तरंगों के नाम लिखें।
Ans – भूकम्प के दौरान पृथ्वी पर कई प्रकार की तरंगें उत्पन्न होते हैं, इन तरंगों को ही ‘भूकम्पीय तरंग’ कहा जाता है। भूकम्पीय तरंगें तीन प्रकार की होती हैं-
(i) प्राथमिक (P) तरंग
(ii) द्वितीयक (S) तरंग
(iii) दीर्घ (L) तरंग।
32. बाढ़ के नियंत्रण के उपाय बताएँ।
Ans – बाढ़ नियंत्रण के उपाय निम्न हैं-
(i) नदी तटबंधों की मरम्मत करने का कार्य करना चाहिए।
(ii) नदी तटबंध के ऊपर वृक्षारोपण का कार्य करना चाहिए।
(iii) सरकार के द्वारा विभिन्न नदियों को आपस में जोड़ने का कार्य किया जाना चाहिए।
(iv) सुदूर संवेदन प्रणाली के द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अध्ययन कर बाँधों का नियमित समय पर जाँच किया जाना चाहिए।
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